सुलगते जिस्म-2

सुलगते जिस्म-2 नई जवानी थी … कुछ ही देर में वो फिर से तरोताज़ा था। मेरी चूत को अब उसका लंबा और मोटा लौड़ा चाहिये था। उसके लिये मुझे अधिक इन्तज़ार नहीं करना पड़ा। मैंने उसे अपनी चूंचियाँ दर्शा कर प्यार से फिर उकसाया। उसका नंगा बदन मुझे बार बार चुभ रहा था … मेरी … Read more

बहुत कुछ होना है डार्लिंग !

बहुत कुछ होना है डार्लिंग ! प्रेषक : रॉय ओबरॉय हाय ! मेरा नाम राज है, मैं अपनी कहानी लिखने जा रहा हूँ। वैसे मैं आगरा से हूँ। मेरा कद ५’८.३” है, दिखने में भी ठीक हूँ। एक दिन मैं नेट पर संवाद कर रहा था तो मुझे एक लड़की मिली जिसका नाम था श्रुति … Read more

कुंवारी चूत हरी कर दी

कुंवारी चूत हरी कर दी प्रेषक : पटेल राज मेरा नाम पटेल राज है। मैं अहमदाबाद (गुजरात) का रहने वाला हूँ। मैं अभी २० साल का हूँ। मैं अन्तर्वासना पर लगभग सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मुझे सारी कहानियाँ बहुत अच्छी लगी। ये सब पढ़ने के बाद मुझे मेरी कहानी लिखने का मन किया सो … Read more

प्रगति का अतीत- 5

प्रगति का अतीत- 5 मास्टरजी और प्रगति गुसलखाने में गए और मास्टरजी ने उसको नहलाना शुरू किया। बालों को गीला करके शैंपू किया और फिर उसके बदन पर साबुन लगा कर उसके अंग अंग को मलने लगे। मास्टरजी के हाथों को उसका साबुन से सना मांसल जिस्म बहुत अच्छा लग रहा था। उनके हाथ फिसल … Read more

भाई बहन का प्यार-2

भाई बहन का प्यार-2 भाई बहन का प्यार-1 हेलो दोस्तो, कैसे हो आप! आपने मेरी कहानी का पहला भाग अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ा! आशा है मेरी कहानी आपको पसंद आई होगी. अब आगे! अगले दिन मैं फोन का इन्तज़ाऱ करने लगा. उसने फोन नहीं किया. करीब़ दो बजे तक इंतज़ार करने के बाद मैंने … Read more

मेरी प्रिविक्षिका

मेरी प्रिविक्षिका प्रेषिका : मोना सिंह मेरा नाम दीपक है। मैंने अन्तर्वासना की काफी कहानियाँ पढ़ी हैं और वो सब मुझे बहुत पसंद आई और मेरा मन मचल उठा अपनी एक सच्ची कहानी आपको बताने का ! तो दोस्तो, मैं एक २६ वर्षीय लम्बा, भरा-पूरा एथलीट हूँ और मुझे सेक्स करना एक कला लगता है। … Read more

ऐसा सुख कहीं नहीं

ऐसा सुख कहीं नहीं प्रेषक : राहुल घई मेरा नाम राज घई है, मैं लुधियाना में रहता हूँ। आज मैं आप लोगो को अपना एक व्यक्तिगत अनुभव बताने जा रहा हूँ जो पिछले साल जुलाई के महीने में मेरे साथ हुआ। मैंने तब तक सेक्स नहीं किया था पर इस बार एकदम से किस्मत मेरे … Read more

अगस्त की एक रात

अगस्त की एक रात लेखक : रणजीत लूथरा यह बात हैं कुछ 12-14 साल पुरानी, तब मैं 19 साल का एक हट्टा- कट्टा नौजवान था। मैं मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव “सिवामुलिक” में रहता था। हमारे गाँव में हर साल सावन में मेला लगता था और हम सारे दोस्त उस मेले में जाते … Read more

नदिया किनारे

नदिया किनारे प्रेषिका : अक्षिता शर्मा प्रस्तुति – नेहा वर्मा कार में मैं और रोनी अन्जान थे, पर मुन्ना और बबलू अपनी गर्ल-फ़्रेन्ड्स के साथ थे। चूंकि कार रोनी की थी सो उसे तो साथ आना ही था। मुझे तो मंजू ने कहा था। नैना बबलू के साथ थी। कार कच्ची सड़क पर हिचकोले खाती … Read more

पहला गैंगबैंग

पहला गैंगबैंग प्रेषक : प्रकाश कुमार सभी अन्तर्वासना के पाठकों को प्रकाश का एक बार फिर नमस्कार ! मुझे आप लोगों की काफी ईमेल मिली और मैंने भी सभी को जवाब दिया। मैं आज आपको अपने जीवन का एक और वाकया बताना चाहता हूँ जो मेरे साथ कुछ ही दिन पहले हुआ। एक दिन सुबह … Read more

सूखी बुर

सूखी बुर प्रेषक : कपिल कुमार दोस्तो, मैं फिर आप लोगों की सेवा में आ गया। आप लोगों की काफी मेल आई, बहुत अच्छा लगा कि आप सभी लोगों ने मेरी कहानी को पसंद किया। मेरी जिंदगी ऐसे ही जा रही है, कोई भी माल नहीं था कि मैं भी उसके साथ कुछ चुदाई करता … Read more

मुझे अपनी बना ले

मुझे अपनी बना ले लेखिका : सीमा सबसे पहले गुरु जी को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम ! गुरु जी का क्या कहना ? क्या वेबसाइट लॉन्च की है,जिसमे लोगों की चुदाई के किस्से पढ़ के चूत गीली हुए बिना नहीं रहती ! मेरा नाम सीमा (काल्पनिक) है ! दोस्तो, मैं २६ बरस की एक जवान औरत … Read more

एक कच्ची कली सौम्या

एक कच्ची कली सौम्या प्रेषक : सनी सन हाय दोस्तों, मेरा नाम समीर है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं भी आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ। मैं एक इंग्लिश की ट्यूशन में पढ़ाता हूँ। मैं 26 साल का एक कुँवारा नौजवान … Read more

नौकरानी बनी घर की रानी

नौकरानी बनी घर की रानी प्रेषक : अभी मौर्या मेरा नाम अभय है। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र २० साल की है। मैं एक बड़ी कंपनी मैं जॉब करता हूँ। मेरा वेतन २५००० रुपए महीना है। मेरा दिल्ली में अपना फ्लैट भी है और मैं अकेला रहता हूँ। मुझे घर पर काम … Read more

चोर पुलिस

चोर पुलिस लेखिका-प्रेषिका : कामिनी सक्सेना, मोनिशा बसु राज और जय दोनों बेतहाशा भागते हुये एक सरकारी मकान के अहाते में कूद पड़े। दोनों की सांसें धौंकनी के समान चल रही थी। फिर भी वे भागते हुये घर के पिछवाड़े में आ गये। मकान में अन्दर की ओर खुलता हुआ एक दरवाजा था। दोनों दबे … Read more