कोठे की कुतिया-2

कोठे की कुतिया-2 अगल बगल में सभी लड़कियाँ अपने हाथों में लंड पकड़े हुए थीं और उनको मसल रही थीं। मोनी को एक मोटे से सेठ ने अपनी गोद में बठा रखा था। सेठ ने १००० रूपये पिंटू की तरफ बढ़ा दिए। पिंटू ने मोनी को आंख मार कर लौड़ा चूसने का इशारा किया। मोनी … Read more

चंडीगढ़ की बारिश

चंडीगढ़ की बारिश हेल्लो दोस्तो, विक्की का आप सभी को प्यार भरा नमस्कार. मैं 27 साल का जवान लड़का हूँ और चंडीगढ़ में प्राइवेट जॉब करता हूँ। आज से दो साल पहले फरवरी 2007 को मैंने सेक्टर 34 में एक नया घर एक पेइंग गेस्ट के तौर पर लिया। मकान मालिक घर के ग्राउंड फ्लोर … Read more

लकी प्रोजेक्ट गाइड-२

लकी प्रोजेक्ट गाइड-२ प्रेषक : बिग डिक ‘ लकी प्रोजेक्ट गाइड ‘ मेरी ज़िन्दगी का वो रूहानी अनुभव है जिसे मैं ताज़िन्दगी नहीं भूल पाऊंगा… उसे शब्दों में बयाँ कर पाना बहुत मुश्किल है। मैंने सोचा नहीं था कि कहानी इतनी लंबी हो जायेगी कि उसे दो-तीन किश्तों में लिखना पड़ेगा… इसीलिये मैंने उसे सिर्फ़ … Read more

एक ही थैली के चट्टे बट्टे-2

एक ही थैली के चट्टे बट्टे-2 मेरा भाई पांच दिन के लिए आया था, मेरे पति को दो दिन के बाद फिर टूअर पर जाना पड़ा था. हम तीनों अब काफी बोल्ड हो गए थे, घर के अन्दर किसी भी तरह के कपड़े पहनना या न पहनना या यूँ कहिये कपड़े का तो कोई महत्त्व … Read more

बस में डबल वाली सीट

बस में डबल वाली सीट प्रेषक : रंजन हाय दोस्तों मेरा नाम आर्यन है। वैसे तो मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ पर जॉब कोइम्बटोर में करता हूँ। मेरा जॉब मार्केटिंग का है जिसमें घूमना ज्यादा होता है। अब मैं आपको असली बात बताता हूँ। एक बार मैं काम के सिलसिले में कोइम्बटोर से … Read more

दोस्त की बहन को चोदा

दोस्त की बहन को चोदा लेखक : मिथिलेश मेरा नाम मिथ्स (मिथिलेश ) है ! मैं नागपुर में रहता हूँ ! आप लोगो को मेरी कहानी बताता हूँ ! एक दिन मैं अपने दोस्त वरुण के यहाँ गया ! उसके घर में कोई भी नहीं था ! मैंने आवाज़ लगाई पर किसी ने कोई प्रतिक्रिया … Read more

मेरी गर्लफ्रेन्ड मनीषा

मेरी गर्लफ्रेन्ड मनीषा प्रेषक : मनीष गौतम सबसे पहले मैं दोनों हाथों का समागम करते हुए गुरूजी का धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरी कहानी ‘बुलबुल के साथ सेक्स’ प्रकाशित की और उन तमाम लड़के-लड़कियों, दोस्तों का भी धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मुझे ई-मेल किए। तो दोस्तो पेश है मेरी नई कहानी ! मनीषा ! उसके … Read more

माल तैयार है, आ जाओ

माल तैयार है, आ जाओ प्रेषक : अभिषेक चौधरी हाय दोस्तो ! मेरा नाम राहुल है, मेरी उम्र १८ साल है।मैं रामपुर का रहने वाला हूँ। मेरे पिताजी एक अध्यापक हैं जो कि दूसरे शहर में रहते हैं। मेरी माँ का नाम मधु है और उसकी उम्र ३८ साल है परन्तु उसकी जवानी २२ साल … Read more

बाबा डर लगता है !

बाबा डर लगता है ! लेखिका : दिव्या डिकोस्टा जब मैं जवान हुई तब मुझे भी और लड़कियों की तरह चुदवाने की इच्छा होती थी। पर हमारी सहेलियों में से एक के साथ प्रेग्नेन्सी का हादसा हो गया तब से मैं बहुत डर गई थी। वो पूरे कॉलेज में बदनाम हो गई थी और फिर … Read more

कुछ गीला गीला लगा

कुछ गीला गीला लगा जून 2006 की बात है जब मैं क्लास 12वीं में दिल्ली में पढ़ता था और दोस्तों से ढेर सारे किस्से सुनता था। कुछ दोस्तों की गर्ल-फ्रेंड थी और वो उनके मुम्मे दबाते थे या उनकी किस लिया करते थे। मुझे भी यह सब सुन कर बहुत ज़रुरत महसूस होती थी कि … Read more

ट्रेन में दोस्ती

ट्रेन में दोस्ती प्रेषक : दीपक दत्त हाय, मेरा नाम दीपक है। मैं गाजियाबाद का रहने वाला हूँ। मैंने अतंर्वासना की बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं और मैं भी अपनी एक हसीन कहानी आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहा हूँ। उम्मीद है आपको पसंद आयेगी। तो आइये अब रूख करते हैं कहानी की ओर- यह … Read more

लौड़ी घोड़ी

लौड़ी घोड़ी मेरी भाभी की उम्र 21 साल की थी, और मैं 18 साल का था। भाभी ने बीए फ़ाईनल की परीक्षा दी थी और मुझे रिजल्ट लेने भाभी के साथ उज्जैन जाना था। उज्जैन में ही कुछ ऐसा हुआ कि मैं और भाभी बहुत ही खुल गए। मैं और मेरी भाभी रतलाम से सवेरे … Read more

प्रगति की आत्मकथा -4

प्रगति की आत्मकथा -4 प्रेषिका : शोभा मुरली उसने बलराम के सुपारे पर थोड़ी और जेली लगाई और एक-दो-तीन कह कर फिर से कोशिश की। इस बार बलराम करीब आधा इंच अन्दर चला गया। प्रगति के मुँह से एक हलकी सी आवाज़ निकली। शेखर ने एकदम बलराम को बाहर निकाल कर प्रगति से पूछा कि … Read more

एक के साथ दूसरी मुफ्त

एक के साथ दूसरी मुफ्त मेरा नाम शिरीष शर्मा है! मैं २० साल का गोरा-चिट्टा नौजवान हूँ और इंदौर में रहता हूँ! आज मैं आप सबको मेरी पहली कहानी बताता हूँ… मई का महीना था ! घर पर मैं अपने मोम डैड के साथ रहता हूँ लेकिन उस दिन वो भोपाल गए हुए थे और … Read more

सावन जो आग लगाए-2

सावन जो आग लगाए-2 प्रेम गुरु की कलम से…. “ओह … मीनू … सच कहता हूँ मैं इन तीन दिनों से तुम्हारे बारे में सोच सोच कर पागल सा हो गया हूँ। लगता है मैं सचमुच ही तुम्हें पर … प्रेम … ओह … चाहने लगा हूँ। पर ये सामाजिक बंधन भी हम जैसो की … Read more