शाकाल और नंगी हसीनाएँ-2

शाकाल और नंगी हसीनाएँ-2 रीता और गीता अब नंगी थीं। रंजना ने भी अपनी स्कर्ट उतार दी, रंजना की चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी। मैंने रूचि के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया था। रूचि ने खुद अपना पेटीकोट नीचे सरका कर उतार दिया उसकी चूत से पानी बह रहा था। रूचि की … Read more

आकर्षण-1

आकर्षण-1 मैं वृंदा, एक बार फिर से हाज़िर हूँ आपके सामने एक नई कथा लेकर ! आपने मेरी पिछली कहानी राजा का फ़रमान-1 पढ़ी होगी, काफी अच्छा लगा यह जानकार कि आप सबको वो कहानी बेहद पसंद आई ! “राजा का फरमान” मेरी पहली कहानी थी, ऐसे में हिंदी लेखन त्रुटियों के लिए मैं क्षमाप्रार्थी … Read more

राजा का फ़रमान-5

राजा का फ़रमान-5 मैं मदमस्त हुई अपनी जवानी का रस लुटा रही थी.. अब मैं भी मज़े लेने लगी थी.. मेरे अंदर की छिपी राण्ड अब बाहर आकर अंगड़ाइयाँ लेने लगी थी… मेरी आहें दरबार में गूँज रही थी.. कि तभी अचानक राजा ने लण्ड निकाल कर मेरी गाण्ड में पेल दिया… राजा अब झड़ने … Read more

कानून के रखवाले-2

कानून के रखवाले-2 कोर्ट के बाहर- केस के बाद, असलम और सोनिया आमने-सामने: सोनिया- चलो अच्छा हुआ कि तुमको फांसी नहीं हुई, नहीं तो मैं तुमको तड़पते हुए टॉर्चर होते हुए नहीं देख पाती। असलम- मैडम, आपने मेरा सारा काम ख़राब कर दिया, आप को सजा जरुर दूंगा इसकी ! मुझे तो सिर्फ 5 साल … Read more

रेखा- अतुल का माल-4

रेखा- अतुल का माल-4 इस बीच रेखा का मोबाइल बजा। रेखा बोली- मेरे पति का है ! मैंने लण्ड बाहर खींच लिया तो रेखा बोली- घुसाए रखो ! निकालते क्यों हो? तुमसे चुदते हुए पति से बतियाने का मज़ा ही अलग है। मैंने उसकी चूत में लण्ड दुबारा घुसा दिया, धीरे धीरे मेरा लौड़ा उसकी … Read more

जब मस्ती चढ़ती है तो…-3

जब मस्ती चढ़ती है तो…-3 प्रेषिका : बरखा लेखक : राज कार्तिक होली वाले दिन साबुन लगवाने के बाद अब राजू मेरे से कुछ ज्यादा खुल गया था। अब वो मेरे साथ भाभी देवर की तरह मजाक करने लगा था और कभी कभी तो द्विअर्थी शब्दों का भी प्रयोग करने लगा था। अब वो अक्सर … Read more

कानून के रखवाले-4

कानून के रखवाले-4 प्रेषक : जोर्डन सोनिया का घर: सोनिया के माँ-बाप, भाई, बहन गोवा गए हुए थे किसी रिश्तेदार की शादी में तो वो अगले तीन दिन तक वापस नहीं आने वाले थे। सोनिया अभी-अभी नहा कर निकली थी, उसकी हालत पहले से बेहतर थी, पर वोह बहुत गुस्से में दिख रही थी उसको … Read more

सिमरन मैडम गोवा में-1

सिमरन मैडम गोवा में-1 हेलो दोस्तो! मेरा नाम अमित है। मेरा रंग गोरा है, मेरा कद 6 फुट 1 इंच, जिम तो नहीं जाता पर अपने शरीर का मैं पूरा ध्यान रखता हूँ। अन्तर्वासना पर पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ, कोई गलती हो तो माफ़ करिएगा। इस कहानी में लड़की का नाम बदला हुआ … Read more

तीन चुम्बन-1

तीन चुम्बन-1 प्रिय पाठको, आपने मेरी पिछली कहानी दो नम्बर का बदमाश पढ़ी। मुझे बहुत खुशी है कि आप सभी को मेरी कहानी अत्यधिक पसन्द आई, जैसा कि कहानी के मूल्यांकन और मुझे मिले ढेरों प्रशंसा-पत्र हैं। आपका बहुत बहुत धन्यवाद! अपनी पिछली कहानी में मैने ‘मिक्की’ का जिक्र किया था। लगभग हर प्रशंसा-पत्र में … Read more

आकर्षण-5

आकर्षण-5 लेखिका : वृंदा वेदांत मेरे पास आया.. उसने मुझे गले लगा लिया.. उसकी तरफ देख कर बोला… : दोस्त है यह मेरी, प्यार करता हूँ इससे.. हाथ तो क्या आँख भी उठाई ना.. तो उस दिन के बाद किसी और को नहीं देख पायेगा तू…!!! मेरी आँखें भर आई थी… पर साथ साथ होंठों … Read more

बड़ा हो गया है

बड़ा हो गया है प्रेषक : अमित शर्मा सबसे पहले गुरु जी को धन्यवाद कि उन्होंने मेरी सभी कहानियाँ अन्तर्वासना पर प्रकाशित की। जैसा कि आप सब को मैंने बताया था कि मैं सोनीपत में रहता हूँ। मेरा नाम अमित है और मैं एक प्लेबॉय हूँ। यह कहानी बहुत लम्बी है कि मैं जिगोलो कैसे … Read more

जोगिंग पार्क-1

जोगिंग पार्क-1 लेखिका : नेहा वर्मा मेरी शादी हुए दो साल हो चुके हैं, शादी के बाद मैंने अपनी चुदाई की इच्छा को सबसे पहले पूरी की। सभी तरीके से चुदाया… जी हाँ… मेरे पिछाड़ी की भी बहुत पिटाई हुई। मेरी गांड को भी चोद-चोद कर जैसे कोई गेट बना दिया हो। सुनील मुझे बहुत … Read more

हमारी नौकरानी सरीना-2

हमारी नौकरानी सरीना-2 सरीना आठ बजे तक काम करके चली जाती थी, आज नौ बज रहे थे। तभी फ़ोन की घंटी बजी, उधर से एक सुरीली सी आवाज़ आई- भाई साहब, मैं रूचि बोल रही हूँ आपकी पुरानी पड़ोसन ! मैंने अपना नंगा लण्ड सहलाते हुए कहा- रूचि जी, आप कैसी हैं? कहाँ से बोल … Read more

पंगा गैंग

पंगा गैंग प्रेषक : राहुल मेरे प्यारे दोस्तो, इस कहानी को पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्यार ! वो कहानी ही क्या जिसमें हकीकत ना हो ! दोस्तो, मेरा नाम राहुल, उम्र 20 साल है, देखने में मैं प्यारा सा हूँ मुझे मेरे एक दोस्त ने मुझे अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट के बारे में … Read more

चरित्र बदलाव-6

चरित्र बदलाव-6 अगले दिन सुबह 7 बजे मेरे कमरे का दरवाजा बजा, मैंने जब उठ कर दरवाजा खोला तो देखा कि आयशा चाय ले कर आई हुई थी. पहली बार आयशा को देख कर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हुआ क्योंकि जिस आयशा को मैं अब तक बच्ची समझता था उसका शरीर भी अपनी … Read more