भूल जाओ रात को

भूल जाओ रात को प्रेषक : राजेश देशमुख मेरा नाम राजेश है और मैं पुणे में रहता हूँ। यह कहानी साल 2009 की है। मैं तब 18 साल का था। मेरी बुआ हमारे ही शहर में रहती है पर उनका घर बहुत दूर है। बुआ के घर कुल मिला कर तीन सदस्य हैं, बुआ, फ़ूफ़ा … Read more

सहेली का बदला

सहेली का बदला प्रेषिका : कविता आज यह कहानी मैं अपनी सहेली मल्लिका के बारे लिख रही हूँ। जब यह घटना हुई तब तक मुझे पता नहीं था कि मल्लिका को सेक्स इतना पसंद है कि वो किसी के भी साथ सेक्स कर सकती है और फ़ोन पर उसे गर्मागर्म बातें करने में तो उसे … Read more

जीजा साली का मिलन-2

जीजा साली का मिलन-2 कहानी का पहला भाग: जीजा साली का मिलन-1 चूँकि बीवी के वापस आने का वक्त हो गया था, इसलिए मैंने उसे कहा- दीपा, तुम्हारी दीदी के आने का वक्त हो रहा है, जल्दी जल्दी में मजा भी नहीं आएगा इसलिए कल मौका निकाल कर तैयार रहना ! साली साहिबा पहली पहली … Read more

काम आगे बढ़ाया

काम आगे बढ़ाया इससे पहले मेरी कहानियाँ काम में मज़ा आया? और दोबारा काम मिला आप पढ़ चुके हैं। आज अपने सभी पाठकों को अपनी नई कहानी दे रहा हूँ उम्मीद करता हूँ आप सबको पसंद आयेगी। मैं अपने काम से लौटा ही था कि मेरे मोबाइल पर फोन आया कि आप को एक कॉल … Read more

मिल-बाँट कर..-1

मिल-बाँट कर..-1 हाय ! हम झंडाराम और ठंडाराम दोनों सगे भाई हैं। हम दोनों एक साथ मिलकर हर काम किया करते हैं फिर वह काम भले ही चोरी-डकैती का हो या अपनी-अपनी महबूबाओं के साथ रंगरेलियां मनाने का हो। बचपन से ही हमारी शक्लें भी बिलकुल एक जैसी हैं। कई बार तो हमारी पत्नियाँ तक … Read more

थ्री ईडीयट्स-1

थ्री ईडीयट्स-1 प्रेषक : जो हण्टर हम तीनों एक साल से शहर में पढ़ रहे थे। मैं और मेरी बहन मुन्नी और गांव में ही रहने वाली पड़ोस की एक मुन्नी की हम उम्र राधा, अब हम तीनों ही कॉलेज में दूसरे साल में आ चुके थे। इस एक साल में हम तीनों का नजरिया … Read more

चाची के घर में

चाची के घर में प्रेषक : राजेश अय्यर मेरे प्यारे दोस्तो, मैं आप सबके सामने अपने जीवन का एक सच्चा किस्सा बताने जा रहा हूँ। मेरा नाम राजेश है मेरी आयु 18 साल है मैं उत्तर प्रदेश से हूँ। मेरी माँ मुझे पढ़ने के लिए मेरी चाची के घर भेज देती थी क्योंकि मेरी चाची … Read more

सत्य वचन

सत्य वचन मैं छत पर बैठी हुई अपने ख्यालों में डूबी हुई थी। मुझे अपनी कक्षा में कोई भी लड़का अच्छा नहीं लगता था और ना ही कोई लड़का मेरी ओर देखता ही था। अन्तर्वासना की कहानियाँ भी मुझे वास्तविक नहीं लगती थी। कभी देवर अपनी भाभी को चोद रहा है तो कभी चाची की … Read more

मेरे दोस्त की प्रेमिका

मेरे दोस्त की प्रेमिका संपादक : मारवाड़ी लड़का मेरा नाम विक्की, राजकोट (गुजरात) में रहता हूँ। यह मेरी तीसरी कहानी है अन्तर्वासना पर। यह कहानी है मेरे दोस्त विशाल की प्रेमिका अवनी और मेरी ! विशाल मेरा बहुत ही करीबी दोस्त था। हम दोनों रोज एक ही साथ घूमते थे और साथ साथ ही मस्ती … Read more

टेंशन दूर हो गया-1

टेंशन दूर हो गया-1 लेखिका : कामिनी सक्सेना मैं दिन भर घर में अकेली होती हूँ। बस घर का काम करती रहती हूँ, मेरा दिल तो यूँ तो पाक-साफ़ रहता है, मेरे दिल में भी कोई बुरे विचार नहीं आते। मेरे पति प्रातः नौ बजे कार्यालय चले जाते हैं फिर संध्या को छः बजे तक … Read more

मस्त राधा रानी-5

मस्त राधा रानी-5 लेखक : राज शर्मा मामा के मुँह से ये सारी बातें सुनते सुनते मेरी तो चूत गंगा जमुना हो चुकी थी, चूत का रस नीचे टपकने लगा था। मैंने नीलम से कहा- मेरी चूत भी लण्ड लेने को बेताब है ! कुछ करो ! तो वो बोली- अभी कुछ देर में हम … Read more

मुंबई में आकर

मुंबई में आकर प्रेषिका : स्नेहल प्यारे पाठको, मेरी तरफ से आप सभी को मेरी मीठी बुर का सलाम ! मैं रूपा, मेरी यह पहली कहानी है। आप सब ध्यान से दिल थाम कर और लण्ड पकड़ कर पढ़िए। मैं गाँव से मैट्रिक पास करने के बाद मुंबई अपने चाचा के पास आगे पढ़ाई के … Read more

मौजां ही मौजां-2

मौजां ही मौजां-2 लेखिका : शमीम बानो कुरेशी मैंने भी अपने सीने को उभारा और मैं इतरा कर उसके साथ साथ चलने लगी। वो भी अपना लण्ड पकड़ाये हुए आराम से पूल के किनारे किनारे चलने लगा। जाने कब मैंने भी उसके लण्ड को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू कर दिया था। रोहित भी … Read more

कुंवारी छोकरी

कुंवारी छोकरी मेरा नाम मो.शाहिद है। मैं गया (बिहार) का रहने वाला हूँ। मैं अभी 20 साल का हूँ। मैं इस नेट पर लगभग सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मुझे यह सारी कहानियाँ बहुत अच्छी लगी। ये सब पढ़ने के बाद मुझे मेरी कहानी लिखने का मन किया सो मैं लिख रहा हूँ। यह कहानी … Read more

सोनू से ननदोई तक-5

सोनू से ननदोई तक-5 जैसे कि मैंने अन्तर्वासना पर पिछले भाग में बताया : उन्होंने एक नेपकिन पर अपने मोबाइल नंबर लिख मेरे पाँव में फेंक दिया, मौका देख कर मैंने उठा लिया। वो खुश होकर दोबारा नाचने लगे। मैं लग ही इतनी पटाखा रही थी ! क्या करूँ ! भगवान ने ऐसे मम्मे दिए … Read more