एक भाई की वासना -5
एक भाई की वासना -5 सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. मैं- फैजान.. देखो आज जाहिरा ने बहुत मुश्किल से हिम्मत करके लेग्गी पहनी है.. तुम से बहुत डर रही थी.. बस तुम को उसकी तरफ कोई तवज्जो नहीं देनी और ना ही उससे कुछ कहना.. ना कोई कमेंट देना है.. और … Read more