भतीज-बहू के साथ सुहागरात -1

भतीज-बहू के साथ सुहागरात -1 शमशेर सिंह ने अपने भतीजे रणधीर सिंह की शादी एक ऐसी लौंडिया से करवाई, जो कमाल की हसीना थी। लौंडिया का नाम बता देना सही रहेगा, उस हसीना जिसकी गरमागरम जवानी कमाल की थी, उसका नाम था बबिता। जब बबिता अपने दूल्हे-राजा के घर आई तो उसके सपने काफ़ी रंगीन … Read more

भाई ने अपनी बहन की चूत की चुदाई करवाई मुझसे-2

भाई ने अपनी बहन की चूत की चुदाई करवाई मुझसे-2 समीर के जाने के बाद मुझे अब और देर करना ठीक न लगा… मैंने हिना को अपनी बाहों में लिया और सोफे पर लिटा दिया, खुद उसके ऊपर लेट गया, उसकी गोल जवान चूचियों का मेरी बड़ी और चौड़ी छाती की नीचे कचूमर निकल रहा … Read more

सेक्स भरी कुछ पुरानी यादें-1

सेक्स भरी कुछ पुरानी यादें-1 हैलो दोस्तो, मेरा नाम मनु है। और मैं मुंबई में रहता हूँ। मेरी उमर 27 साल है। मेरा गाँव का नाम इटावा है, जो उ.प्र. में है। मैं इस साईट को बहुत ही पसंद करता हूँ क्योंकि इस साइट की कुछ कहानियाँ मुझे बहुत अच्छी लगीं। यह मेरी पहली और … Read more

बेटा और देवर-1

बेटा और देवर-1 मेरी योनि के अन्दर घूमती उंगली ने मुझे मदहोश कर रखा था… स्स्स्स्सईई मेरी सिसकारी निकलने लगी… वो धीरे धीरे उन्गली अन्दर बाहर कर रहा था… पर मैं इतनी मस्त हो गई थी कि ना तो एक उंगली से गुजारा हो रहा था और ना ही इतनी कम स्पीड में अब मजा … Read more

तो हुआ यूँ

तो हुआ यूँ आप सबको आपकी अंतरा का रस भरा नमस्कार तो हुआ यूँ : अब बाली उमर में मेरा दाना मस्तियाने लगा। उमर इतनी भी नहीं थी कि शादी की सोचती ! बड़ी बहनें भी तो थी ! मेरी चूचियाँ कमबख्त मेरी ही चोली की रगड़ से कड़ी हो जाती और कभी मूतने के … Read more

पापा का दोस्त

पापा का दोस्त प्रेषिका : लवीना सिंह अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्यार भरा सलाम। मैं नियमित रूप से सारी कहानियां पढ़ती हूँ और बस यही कहूँगी कि मुझे बड़ा मज़ा आता है। अब मेरे बारे में : मैं तेईस साल की लड़की हूँ, शादीशुदा हूँ और पति भी ठीक ठाक ही है। मेरा रंग … Read more

जवानी का रिश्ता

जवानी का रिश्ता प्रिय पाठको, मैंने अन्तर्वासना डॉट कॉम पर बहुत सी कहानियाँ लिखी हैं। ये कहानियाँ आपके मनोरंजन के लिए हैं। अब पेश है एक नई कहानी आपके लिए ! मेरी बहन मुझसे लगभग तीन साल बड़ी है। वो एम ए में पढ़ती थी और मैंने कॉलेज में दाखिला लिया ही था। मैं भी … Read more

ड्राईवर और नौकर से चुदी

ड्राईवर और नौकर से चुदी सभी अन्तर्वासना पढ़ने वाले पाठकों को और गुरु जी कोटि कोटि प्रणाम ! इतनी पड़ रही सर्दी में भगवान् सब के लौड़े खड़े रखे और ऐसे ही चूतें बजती रहे ! मेरा नाम है अनु और मैं पंजाब की रहने वाली एक बहुत बड़े व्यापारी की हसीन बीवी हूँ। पैसों … Read more

तुम मुझे मरवा दोगे !

तुम मुझे मरवा दोगे ! दोस्तो, मैं संजू आप के लिए लेकर आया हूँ अपनी ज़िन्दगी की एक सच्ची कहानी ! सबसे पहले मैं अपना परिचय करवा दूँ !मैं हरियाणा के जींद शहर का रहने वाला हूँ, कद 5’11” देखने में अच्छा दीखता हूँ। यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना डॉट कॉम पर ! उम्मीद … Read more

कहीं कुछ हो गया तो?

कहीं कुछ हो गया तो? प्रेषक : निखिल मेहरा सभी पाठको मेरी तरफ से प्यार भरी सत श्री अकाल ! यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली कहानी है ! मेरा नाम निखिल है ! उम्र इक्कीस साल और मैं पंजाब का रहने वाला हूँ । आज मैं आपको अपनी गर्ल फ़्रेंड कोमल जो 20 साल की … Read more

गाँव जाकर नौकर से प्यास बुझवाई-2

गाँव जाकर नौकर से प्यास बुझवाई-2 लेखिका : आंचल जैसे कि मैंने पहले भाग में बताया था कि जैसे ही मेरे और मेरे नौकर के बीच इशारों में बातें हुई तो उसने जल्दी से तौलिया लपेटा और अंदर आने लगा ही था कि कार के होर्न की आवाज़ सुन हम दोनों का मूड खराब हो … Read more

प्यारी पूजा

प्यारी पूजा प्रेषक :राजा गर्ग दोस्तों आज जो किस्सा आपको सुनाने जा रहा हूँ वो उस रात का है जब मैं समझ नहीं पाया कि वो सब हो कैसे गया। आज जब मैं उस रात के बारे में सोचता हूँ तो उलझन में पड़ जाता हूँ। दरअसल बात तब की है जब मैंने कॉलेज में … Read more

आज मैं बहुत खुश हूँ

आज मैं बहुत खुश हूँ मेरा नाम मानसी है। मैंने अपनी कहानी “बहुत प्यार करती हूँ” अन्तर्वासना में भेजी थी, आप सबकी तरफ से बहुत अच्छे उत्तर मिले थे। आज मैं आपको अपनी दूसरी कहानी बताने जा रही हूँ, आशा है आप सबको पसंद आएगी। मेरी पहली कहानी जिन्होंने पढ़ी थी उन्हें उस इंसान के … Read more

सन्डे है चुदाई डे

सन्डे है चुदाई डे प्रेषक : ललित सिंह मेरा नाम ललित है, दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैंने अंतर्वासना में बहुत कहानियाँ पढ़ी और आज मन किया कि मैं अपनी भी कहानी लिखूँ ! बात उन दिनों की है जब मैं अपने ऑफिस से घर जा रहा था रास्ते में एक आदमी पड़ा हुआ था। … Read more

औरतों की यौन-भावनाएँ-2

औरतों की यौन-भावनाएँ-2 लेखक : जय कुमार प्रथम भाग से आगे कला झड़ गई और एक तरफ लुढ़क गई और मैं भी कला की बराबर में ही लेट गया क्योंकि मेरा काम तो ग्राहक को सन्तुष्ट करना था। मैंने राहत की सांस ली कि कला जी इतनी जल्दी सन्तुष्ट हो गई। मैं यही सोच रहा … Read more