प्रेम संग वासना : एक अनोखा रिश्ता -5
प्रेम संग वासना : एक अनोखा रिश्ता -5 दूसरे दिन जब हमारी आँख खुली तो दिन के 11 बज रहे थे, खैर टेंशन तो कोई थी नहीं क्योंकि ऑफिस नहीं जाना था। हम उठे, मुंह धोया और नाश्ता किया और एक दूसरे के बगल मैं बैठे बातें करने लगे। हम इतने पास थे कि हमारी … Read more