लण्ड न माने रीत -2
लण्ड न माने रीत -2 अब तक आपने पढ़ा.. ऐसे ही हंसी-ठिठोली करते हुए वे सब ये गन्दा खेल खेलती रहीं। मैं दम साधे वो सब देखता रहा.. मेरी कनपटियाँ गर्म होने लगी थीं.. लण्ड तो पहले से ही खड़ा था.. अब उसमें हल्का-हल्का दर्द भी होने लगा था। मुझे आरती पर क्रोध भी आ … Read more