एक सुन्दर सत्य -4
एक सुन्दर सत्य -4 ज़न्नत की चूत अब कामरस छोड़ने लगी थी और उस पर पानी चमक रहा था। सुप्रीमो जैसा मर्द तो उस देख कर और उग्र हो गया, उसकी ज़ुबान अपने आप उस चिकनी चूत के अन्दरूनी लबों को चाटने लग गई। अब तो ज़न्नत हवा में उड़ने लगी थी, उसका रोम रोम … Read more